हम्पी की एक महिला ने भूखे पर्यटकों को घर बुलाकर खाना खिलाया
रात करीब 10 बजे का समय था। कुछ पर्यटक हम्पी के खंडहरों में घूमते-घूमते थक चुके थे और भूख से बेहाल थे, तभी उन्हें पता चला कि शहर की ज़्यादातर दुकानें बंद हो चुकी हैं। हम्पी वैसे भी देर रात खाना मिलने वाली जगह नहीं है, यह मंदिरों और पत्थरों के बीच बसा एक छोटा-सा गांव है, कोई फूड स्ट्रीट नहीं जो रात भर खुली रहे।
फिर भी वे उम्मीद के सहारे एक छोटे टिफिन सेंटर पर रुक गए। वहां चलाने वाली महिला के पास काउंटर पर परोसने के लिए ज़्यादा कुछ बचा नहीं था, तो उसने उन्हें वापस भेजने के बजाय पूरे ग्रुप को अपने घर बुला लिया। उसके पति ने भी हाथ बंटाया, और दोनों ने मिलकर ताज़ा डोसा और नारियल की चटनी बनाई, बिल्कुल वैसे जैसे अपने परिवार के लिए बनाते।
ग्रुप में मौजूद एक पर्यटक, इंस्टाग्राम यूज़र @07_prerna, ने यह पल कैमरे में कैद कर लिया और पोस्ट कर दिया। वीडियो तेज़ी से फैला, हज़ारों कमेंट्स आए, ज़्यादातर लोग उस अजनबी महिला का शुक्रिया अदा कर रहे थे जिसे उन्होंने कभी देखा तक नहीं था।
ऐसा लगता नहीं कि किसी को अंदाज़ा था कि यह वीडियो इतना आगे जाएगा। यही बात इसे खास बनाती है, यह कैमरे के लिए किया गया कोई दिखावा नहीं था, बस वही हुआ जो तब होता है जब भूखे यात्री गलत समय पर पहुंच जाएं और एक परिवार उन्हें फिर भी खाना खिलाने का फैसला कर ले।
Source: Curly Tales